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ब्रह्म योग कैलकुलेटर

ब्रह्म योग सृष्टिकर्ता के नाम का योग है — बुध, शुक्र और गुरु (तीनों सौम्य ग्रहों) की केंद्र-त्रिकोण में विशेष व्यवस्था से बनता है।

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ब्रह्म योग कैलकुलेटर के बारे में

ज्ञान (गुरु), बुद्धि (बुध) और सृजन-रस (शुक्र) — सृष्टि के तीनों उपकरण जब कुंडली के स्तंभ-भावों में सज जाते हैं, तो व्यक्ति निर्माता-प्रवृत्ति का होता है: विद्या, दीर्घायु, धन और यश उसके शास्त्रोक्त फल हैं।

FeelAstro का कैलकुलेटर तीनों ग्रहों की स्थिति जाँचकर योग की उपस्थिति और बल-विश्लेषण देता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रह्म योग क्या है?

बुध, शुक्र और गुरु की केंद्र-त्रिकोण भावों में विशेष व्यवस्था से बनने वाला श्रेष्ठ योग — विद्या, दीर्घायु, धन और सृजन-क्षमता का दाता।

ब्रह्म योग और सरस्वती योग में अंतर?

दोनों तीन सौम्यों से बनते हैं, पर शर्तें भिन्न हैं — सरस्वती में द्वितीय भाव भी मान्य है और गुरु-बल अनिवार्य; ब्रह्म की व्यवस्था केंद्र-त्रिकोण केंद्रित है। फल भी भिन्न रंग का: सरस्वती विद्या-प्रधान, ब्रह्म निर्माण-आयु-प्रधान।

ब्रह्म योग का शास्त्रीय फल क्या है?

वेद-शास्त्रों का ज्ञाता, दीर्घजीवी, तेजस्वी और धनी जातक — जिसकी बनाई चीज़ें (संस्था, ग्रंथ, परिवार) उसके बाद भी चलती हैं।

आधुनिक संदर्भ में यह योग किन क्षेत्रों में दिखता है?

संस्थापक-उद्यमी, लेखक, वास्तुकार, शिक्षा-संस्था निर्माता — हर वह भूमिका जहाँ शून्य से रचना करनी है।

फल कब मिलता है?

गुरु-बुध-शुक्र की दशाओं में क्रमशः — पूर्ण प्रकटीकरण प्रायः जीवन के मध्य में, जब तीनों की अंतर्दशाएँ एक-दूसरे से गुज़रती हैं।