अमला योग कैलकुलेटर
अमला योग तब बनता है जब लग्न या चंद्रमा से दशम भाव में केवल शुभ ग्रह स्थित हो। "अमल" का अर्थ है निर्मल — और यही इस योग का फल है: निष्कलंक कीर्ति।
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अमला योग कैलकुलेटर के बारे में
दशम भाव कर्म और सार्वजनिक छवि का भाव है। वहाँ गुरु, शुक्र या शुभ बुध जैसा ग्रह अकेला विराजमान हो तो व्यक्ति की आजीविका सम्मानित, नीतिपूर्ण और यशस्वी होती है — समाज उसे स्वच्छ छवि वाले व्यक्ति के रूप में जानता है।
FeelAstro का अमला योग कैलकुलेटर लग्न और चंद्रमा दोनों से दशम की जाँच करता है और योग बनने पर संबंधित ग्रह का बल-विश्लेषण देता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अमला योग क्या है?
लग्न या चंद्रमा से दशम भाव में शुभ ग्रह की स्थिति से बनने वाला योग, जो निष्कलंक यश, सम्मानित आजीविका और नीतिपूर्ण चरित्र देता है।
अमला योग के लिए कौन-से ग्रह शुभ माने जाते हैं?
गुरु और शुक्र सदा शुभ; बुध और चंद्रमा शुभ-स्थिति में हों तो शुभ। सूर्य, मंगल, शनि, राहु-केतु की दशम-स्थिति से यह योग नहीं बनता।
अमला योग का करियर पर क्या प्रभाव है?
ऐसे जातक की आजीविका प्रायः सेवा, परामर्श, शिक्षा, प्रशासन जैसे सम्मानजनक क्षेत्रों में होती है और उन्नति विवादों के बिना, स्वच्छ मार्ग से होती है।
क्या दशम में पाप ग्रह के साथ शुभ ग्रह हो तो योग बनेगा?
शुद्ध अमला योग के लिए दशम में शुभ ग्रह का प्रभाव प्रधान होना चाहिए। पाप-युति योग को दूषित करती है — तब फल मिश्रित हो जाता है।
अमला योग का फल कब मिलता है?
दशम-स्थित शुभ ग्रह की दशा-अंतर्दशा में योग पूर्ण फल देता है; सामान्यतः करियर के मध्य चरण से यश स्थायी होने लगता है।